हम 15 जून, 2010 के बारे में बात करते हैं

भगवान के साथ एक पल


के साथ एक पल

18 हैं. शहर ज्वालामुखी मशीनों के रूप में लावा की नदियों spews.
यातायात सड़कों, गलियों, रास्ते, राजमार्गों, चौराहों, पार भरता है.
माहौल गरमा रही है. उन्माद का बुखार उनमें से सब कुछ ले लिया.
सब जल्दी में हैं, लेकिन कतार में आगे जाने के लिए सक्षम किया जा रहा बिना. शहर बंद है.
सभी उत्तेजित कर रहे हैं, s'innervosiscono. कहा जाता है. खेलते हैं. गला घोंटना, उनकी मशीनों के पिंजरे में बंद कर दिया.
होशियार है, या सबसे अभिमानी, आगे धक्का, किसी भी संदेह के बिना मशीनों के बीच होता जा रहा है.
इसके बजाय कुछ goodish शांति ले, की मूर्खता पर हँस रहे हैं !

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वी.एन.: एफ [1.9.14_1148]
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